सिकंदर फिल्म कॉर्पोरेट बुकिंग विवाद और बॉक्स ऑफिस की सच्चाई

सिकंदर फिल्म कॉर्पोरेट बुकिंग
सिकंदर फिल्म कॉर्पोरेट बुकिंग

बॉलीवुड फिल्म इंडस्ट्री हमेशा से चमक-दमक, भव्यता और बड़े सपनों का प्रतीक रही है, लेकिन इसके पीछे एक ऐसा व्यवसाय भी है जो आंकड़ों, धारणाओं और रणनीतिक चालों पर चलता है। ऐसी ही एक रणनीति है कॉर्पोरेट बुकिंग, जिसमें निर्माता या वितरक बड़ी संख्या में टिकट खरीदकर बॉक्स ऑफिस के आंकड़ों को बढ़ा देते हैं ताकि फिल्म की लोकप्रियता का भ्रम पैदा हो। 29 मार्च 2025 तक, सलमान खान की फिल्म सिकंदर फिल्म कॉर्पोरेट बुकिंग के केंद्र में आ गई है, और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे X पर कॉर्पोरेट बुकिंग घोटाले की चर्चा जोरों पर है। यह लेख सिकंदर फिल्म, इसकी कहानी, बॉक्स ऑफिस की उम्मीदों और कॉर्पोरेट बुकिंग विवाद पर प्रकाश डालता है, जो इसकी रिलीज पर छाया डाल रहा है।

सिकंदर: एक हाई-प्रोफाइल ईद रिलीज

सिकंदर 2025 की एक हिंदी भाषा की एक्शन ड्रामा फिल्म है, जिसका निर्देशन ए.आर. मुरुगादॉस ने किया है। मुरुगादॉस अपनी हाई-ऑक्टेन फिल्मों जैसे गजनी और हॉलिडे के लिए जाने जाते हैं। नाडियाडवाला ग्रैंडसन एंटरटेनमेंट और सलमान खान फिल्म्स द्वारा निर्मित इस फिल्म में सलमान खान मुख्य भूमिका में हैं, साथ में रश्मिका मंदाना, काजल अग्रवाल, सत्यराज, शरमन जोशी और प्रतीक बब्बर भी अहम किरदारों में हैं। यह फिल्म सलमान खान और मुरुगादॉस की पहली सहयोगी परियोजना है, जिसने दोनों की व्यावसायिक सफलताओं को देखते हुए काफी उत्साह पैदा किया है।

सिकंदर की कहानी एक जोशीले युवक की है, जो भ्रष्टाचार के एक शक्तिशाली नेटवर्क से लड़ता है ताकि आम लोगों के अधिकारों की रक्षा हो सके। प्रचार सामग्री के अनुसार, यह कहानी सिकंदर के एक लापरवाह व्यक्ति से एक निस्वार्थ नायक बनने की यात्रा को दर्शाती है, जो अपनी पत्नी से प्रेरित होकर उन लोगों के लिए उम्मीद की किरण बन जाता है जो निराशा में डूबे हैं। यह फिल्म एक्शन, ड्रामा और भावनात्मक गहराई का मिश्रण होने का वादा करती है, जिसमें प्रीतम चक्रवर्ती और JAM8 द्वारा रचित ज़ोहरा जबीन और सिकंदर नाचे जैसे गाने शामिल हैं।

https://x.com/imashishsrrk/status/1905982694112022717

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30 मार्च 2025 को रिलीज हुई सिकंदर को रणनीतिक रूप से ईद के मौके पर रिलीज किया गया, एक ऐसा समय जो सलमान खान ने अपनी फिल्मों जैसे बजरंगी भाईजान और सुल्तान के साथ हमेशा से डोमिनेट किया है। इस फिल्म को साल की सबसे बड़ी बॉक्स ऑफिस बेट्स में से एक माना जा रहा था, जिसमें प्री-रिलीज रिपोर्ट्स के अनुसार ₹165 करोड़ का नॉन-थियेट्रिकल डील हुआ था, जो इसके प्रोडक्शन कॉस्ट का 80% कवर करता है—यह एक व्यावसायिक रूप से सुरक्षित कदम था। एडवांस बुकिंग के आंकड़े भी सकारात्मक तस्वीर पेश कर रहे थे, जिसमें फिल्म ने 26 मार्च 2025 तक PVR Inox और Cinepolis जैसे टॉप नेशनल चेन्स में ओपनिंग डे के लिए लगभग 42,000 टिकट बेचे थे। इंडस्ट्री के अनुमानों ने पहले दिन ₹25-31 करोड़ की कमाई की भविष्यवाणी की थी, जो सलमान खान की फिल्म के लिए एक मजबूत शुरुआत थी।

लेकिन इस सकारात्मक तस्वीर के पीछे एक तूफान तैयार हो रहा था, जो सिकंदर की बॉक्स ऑफिस कहानी पर सवाल खड़े करने वाला था।

कॉर्पोरेट बुकिंग विवाद

कॉर्पोरेट बुकिंग, जिसमें निर्माता या वितरक बड़ी संख्या में टिकट खरीदकर बॉक्स ऑफिस के आंकड़ों को बढ़ाते हैं, बॉलीवुड में कोई नई बात नहीं है। इसका इस्तेमाल अक्सर फिल्म के ओपनिंग वीकेंड में सफलता का भ्रम पैदा करने के लिए किया जाता है, ताकि वर्ड-ऑफ-माउथ और मीडिया हाइप के जरिए असली दर्शकों को आकर्षित किया जा सके। हालांकि यह प्रथा गैरकानूनी नहीं है, लेकिन इसकी पारदर्शिता की कमी और दर्शकों व हितधारकों को गुमराह करने के लिए इसकी आलोचना होती है।

सिकंदर के मामले में, कॉर्पोरेट बुकिंग के आरोप तब सामने आए जब 25 मार्च 2025 को एडवांस बुकिंग शुरू हुई। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, खासकर X, प्रशंसकों, आलोचकों और इंडस्ट्री के जानकारों के बीच बहस का मैदान बन गया, जहां फिल्म की प्री-रिलीज टिकट बिक्री की सत्यता पर सवाल उठाए गए। X पर पोस्ट्स में बताए गए आंकड़ों में विसंगतियां सामने आईं, कुछ यूजर्स ने दावा किया कि असली दर्शकों द्वारा बुक किए गए टिकटों की संख्या उन आंकड़ों से काफी कम थी जो बताए जा रहे थे। उदाहरण के लिए, एक यूजर ने बताया कि 28 मार्च 2025 तक ऑफिशियल एडवांस बुकिंग के आंकड़े ₹12.53 करोड़ थे, लेकिन असली टिकट बिक्री (ब्लॉक बुकिंग को छोड़कर) कथित तौर पर ₹1.15 करोड़ के आसपास थी, बाकी राशि कॉर्पोरेट खरीद से आई थी।

एक अन्य यूजर ने प्रति घंटे की बुकिंग ट्रेंड्स को तोड़कर दिखाया, जिसमें 25 मार्च को कुछ घंटों में बिक्री में तेज गिरावट देखी गई, यह सुझाव देते हुए कि शुरुआती उछाल बल्क खरीद की वजह से था, न कि ऑर्गेनिक डिमांड की। यूजर ने इसे “मेगा स्कैम” करार दिया, यह दावा करते हुए कि भारतीय सिनेमा के इतिहास में किसी फिल्म ने इतने बड़े पैमाने पर कॉर्पोरेट बुकिंग पर भरोसा नहीं किया। इन दावों को तब और बल मिला जब यह बताया गया कि “बाय वन, गेट वन फ्री” ऑफर के बावजूद दर्शकों की रुचि कम रही, जिसके चलते सिकंदर टीम को मजबूत ओपनिंग सुनिश्चित करने के लिए इस तरह की रणनीति अपनानी पड़ी।

यह विवाद तब और बढ़ गया जब Sacnilk, एक लोकप्रिय बॉक्स ऑफिस ट्रैकिंग वेबसाइट, का हवाला इन चर्चाओं में दिया गया। Sacnilk ने पहले दिन 26,000 टिकटों की एडवांस बुकिंग की सूचना दी, लेकिन कुछ यूजर्स ने तर्क दिया कि यह डेटा अन्य स्रोतों द्वारा बताए गए कॉर्पोरेट बुकिंग के आंकड़ों से मेल नहीं खाता, जैसे कि 29 मार्च को सुबह 9 बजे तक ₹5.92 करोड़ की कॉर्पोरेट बुकिंग का दावा। इस गलतियों  ने फिल्म के प्री-रिलीज प्रदर्शन की पारदर्शिता पर सवाल खड़े किए और यह सवाल उठाया कि क्या सिकंदर टीम असली दर्शकों की रुचि की कमी को छुपाने के लिए कॉर्पोरेट बुकिंग का सहारा ले रही है।

यह विवाद क्यों मायने रखता है

सिकंदर के आसपास कॉर्पोरेट बुकिंग के आरोप कई कारणों से महत्वपूर्ण हैं। सबसे पहले, यह फिल्म के बॉक्स ऑफिस प्रदर्शन की विश्वसनीयता को कमजोर करता है। सलमान खान, जिन्हें अक्सर बॉलीवुड का “भाईजान” कहा जाता है, की एक विशाल फैन फॉलोइंग है और उनकी ओपनिंग डे की कमाई ऐसी है जो बहुत कम लोग हासिल कर पाते हैं। हालांकि, उनकी हालिया फिल्में जैसे किसी का भाई किसी की जान और टाइगर 3 उनकी पहले की सफलताओं की तुलना में कमजोर प्रदर्शन कर रही हैं, जिससे यह अटकलें लगाई जा रही हैं कि उनकी बॉक्स ऑफिस की ताकत कम हो रही है। इस संदर्भ में, सिकंदर के लिए एक मजबूत ओपनिंग उनकी स्टार पावर को फिर से साबित करने के लिए महत्वपूर्ण थी, और कॉर्पोरेट बुकिंग शायद उस कहानी को सुनिश्चित करने का एक तरीका थी।

https://x.com/IndiaCinepolis/status/1905638794973585780

दूसरे, कॉर्पोरेट बुकिंग की प्रथा इंडस्ट्री में निष्पक्षता को लेकर नैतिक सवाल खड़े करती है। जब निर्माता आंकड़ों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करते हैं, तो यह सफलता का एक गलत बेंचमार्क बनाता है, जिससे अन्य फिल्म निर्माताओं पर भी ऐसी ही रणनीतियां अपनाने का दबाव पड़ता है। इससे बाजार में विकृति आती है, जिससे छोटी फिल्मों को, जिनमें असली दर्शकों की रुचि होती है, दृश्यता पाने में मुश्किल होती है। इसके अलावा, यह investors, प्रदर्शकों और दर्शकों को गुमराह करता है जो बॉक्स ऑफिस के आंकड़ों पर भरोसा करते हैं।

अंत में, यह विवाद बॉलीवुड में एक बड़ी समस्या को दर्शाता है: पहला दिन  के आंकड़ों का जुनून। एक ऐसी इंडस्ट्री में जहां धारणा अक्सर हकीकत पर भारी पड़ती है, फिल्म का ओपनिंग वीकेंड उसकी सफलता को बना या बिगाड़ सकता है, चाहे उसकी वास्तविक गुणवत्ता कुछ भी हो। सिकंदर के लिए, कॉर्पोरेट बुकिंग के आरोप बताते हैं कि टीम शायद फिल्म की सामग्री के जरिए असली उत्साह पैदा करने की बजाय सफलता की कहानी बनाने पर ज्यादा ध्यान दे रही थी।

 सलमान खान और बॉलीवुड का बॉक्स ऑफिस खेल

सिकंदर का विवाद 2025 में सलमान खान के सामने आने वाली चुनौतियों को भी उजागर करता है। एक समय बॉक्स ऑफिस के निर्विवाद बादशाह रहे सलमान खान हाल के वर्षों में अपनी 2010 की हिट फिल्मों की सफलता को दोहराने में संघर्ष कर रहे हैं। X पर पोस्ट्स में दर्शकों के बीच सिकंदर के लिए ऑर्गेनिक उत्साह की कमी को नोट किया गया है, कुछ यूजर्स ने सुझाव दिया कि मीडिया हाइप असली रुचि से कहीं ज्यादा है। इस धारणा ने कथित कॉर्पोरेट बुकिंग को प्रेरित किया हो सकता है, क्योंकि टीम ने नकारात्मक कहानियों को रोकने के लिए एक मजबूत ओपनिंग सुनिश्चित करने की कोशिश की।

हालांकि, अगर यह सच है, तो यह रणनीति उल्टा पड़ सकती है। आज के दर्शक सोशल मीडिया और बॉक्स ऑफिस ट्रैकिंग वेबसाइट्स की वजह से ऐसी प्रथाओं के बारे में ज्यादा जागरूक हैं। X पर बैकलैश से पता चलता है कि प्रशंसक और आलोचक न केवल कॉर्पोरेट बुकिंग के बारे में जानते हैं, बल्कि इसे उजागर करने के लिए भी तैयार हैं, जिससे फिल्म की प्रतिष्ठा को नुकसान हो सकता है। सलमान खान जैसे स्टार के लिए, जिनकी अपील हमेशा आम लोगों से उनके जुड़ाव में रही है, ऐसे विवाद उनके मुख्य दर्शकों को दूर कर सकते हैं।

निष्कर्ष

सिकंदर (2025) एक बड़ी बॉलीवुड रिलीज होने के लिए तैयार थी, जिसमें एक हाई-प्रोफाइल कास्ट, एक प्रतिभाशाली निर्देशक और एक विशिष्ट सलमान खान मास एंटरटेनर का वादा था। हालांकि, कॉर्पोरेट बुकिंग विवाद ने कहानी को बदल दिया है, जिससे फिल्म की असली बॉक्स ऑफिस क्षमता और इसकी प्रचार रणनीति की नैतिकता पर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि कॉर्पोरेट बुकिंग की प्रथा सिकंदर के लिए अनोखी नहीं है, लेकिन आरोपों का पैमाना—सोशल मीडिया पर जांच के साथ—इसे बहस का केंद्र बना रहा है।

29 मार्च 2025 तक, फिल्म के कल रिलीज होने के साथ, ध्यान आदर्श रूप से इसकी कहानी, प्रदर्शन और भावनात्मक प्रभाव पर होना चाहिए। इसके बजाय, बातचीत आंकड़ों—असली या बढ़ा-चढ़ाकर पेश किए गए—और इंडस्ट्री के सफलता का भ्रम बनाए रखने के लिए किए गए प्रयासों पर केंद्रित है। क्या सिकंदर इस विवाद को पार कर अपनी सामग्री से दर्शकों को जीत पाएगी, यह देखना बाकी है, लेकिन अभी के लिए, यह बॉलीवुड के बॉक्स ऑफिस खेल की अंधेरी सच्चाई की एक कड़ी याद दिलाता है।

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